"नि:शब्द"
आप की ये अनन्त सादगी ,प्यार भरा सुन्दर मन ,
आखों मे प्यार निश्छल,
आप के लिए ही है ,मेरा कल ,आज और कल,
आप की याद मे गुज़रता है हर पल
काश ,हम ज़रा भी आप जैसे हो पाते,
हर मोसम को हँसी से झेल पाते,
सभी की ज़िन्दगी मे साथी,आप जैसे नहीं आते,
आप जैसो के लिए ,लोग मन्नते है मागंते,
आप की हर बात मे शरारत,नज़रो से भी प्यार भरी शरारत,
मन मे ही मुस्कराते है,अच्छी लगती है शरारत,
आप की खूबियों के लिए कम है सारी,वर्णमाला,
बाकी नहीं है कोई शब्द,
हो गई हू मै "नि:शब्द"
मुझे अपने आप मे बसा लो,हो न पाए कोई गम का अहसास,
सरे जहां मे हो आप मेरे लिए सब से "खास"
"विद्या"
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