आज़ादी -दुल्हन सी। ………….
मना रहा है आज़ादी का दिवस आज देश,
क्या बदल लिया है आज़ादी ने अपना भेष?,
महगाई को बनाया अपना ताज़ ,
भ्रष्टाचार तो है उस का सरताज ,
बेरोज़गारी है आज़ादी का कंगन ,
कहा गया वो सोने का चमन,
निर्धनता हो गई उस की चुनरी,
फ़ौजी की शहादत पर भी राजनीती बुनती,
चलो आज़ादी का वही रूप वापस हम सब मिल कर लाये,
सही अर्थ मै आज़ादी को मनाये,
आज़ादी को दुल्हन सा सजाये,
आओ सच्चा आज़ादी दिवस मनाये,
देश की खुशिया वापस लाये,
"जय हिन्द "
विद्या
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